लिवर टेस्ट क्या है?
लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) में SGOT, SGPT और बिलिरुबिन जैसे पैरामीटर देखे जाते हैं — ये बताते हैं कि लिवर कितनी अच्छी तरह काम कर रहा है।
यह टेस्ट क्या बताता है
SGOT (AST) और SGPT (ALT) लिवर के एंजाइम हैं — इनका बढ़ना लिवर पर असर का संकेत हो सकता है।
बिलिरुबिन का बढ़ना पीलिया से जुड़ा हो सकता है।
यह टेस्ट क्यों किया जाता है
- पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द
- आंखों या त्वचा का पीला दिखना
- लगातार थकान
- शराब के सेवन के बाद जांच
नॉर्मल रेंज
| पैरामीटर | सामान्य सीमा |
|---|---|
| SGOT (AST) | 10–40 U/L |
| SGPT (ALT) | 7–56 U/L |
| बिलिरुबिन (टोटल) | 0.3–1.2 mg/dL |
नोट: नॉर्मल रेंज प्रयोगशाला, उम्र और लिंग के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है — अपनी रिपोर्ट पर छपी रेंज ही मान्य मानें।
कम या ज्यादा होने का मतलब
ज्यादा
SGOT/SGPT ज्यादा
लिवर पर किसी कारण से असर हो सकता है — फैटी लिवर, दवा का असर या संक्रमण जैसे कई कारण होते हैं।
ज्यादा
बिलिरुबिन ज्यादा
पीलिया से जुड़ा हो सकता है — आंखों या त्वचा का पीला दिखना इसका लक्षण है।
सामान्य
सभी सामान्य
लिवर सामान्य रूप से काम कर रहा है।
रिपोर्ट देखते समय ध्यान दें
- शराब लिवर के नंबरों पर सीधा असर डालती है।
- कुछ दवाएं भी ये नंबर बढ़ा सकती हैं — डॉक्टर को अपनी दवाओं की जानकारी जरूर दें।
यह जानकारी केवल रिपोर्ट समझने के लिए है — यह चिकित्सा परामर्श, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। इलाज संबंधी कोई भी निर्णय हमेशा डॉक्टर से सलाह लेकर ही लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SGOT और SGPT में क्या अंतर है?
दोनों लिवर के एंजाइम हैं; SGPT लिवर के लिए अधिक विशिष्ट माना जाता है।
फैटी लिवर क्या है?
लिवर में चर्बी का जमना — शुरुआती अवस्था में खानपान सुधारने से स्थिति बेहतर हो सकती है।
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